जितना रोकूं उतना ही बहते ,
दर्द का किस्सा पल में कहते,
आंसू मेरे बड़े ही मनमाने-से,
जरा सी बात पर बहते रहते।
आंसू मेरे
Comments
4 responses to “आंसू मेरे”
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Wah
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धन्यवाद सर
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वाह वाह
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“मनमाने से” में ‘से’ का प्रयोग नहीं करते तो और भी अच्छा तुक बनता
फिर भी सुन्दर अभिव्यक्ति
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