अंग्रेज रूपी कंश हेतु वह तो कृष्ण कलेवर था ,
करतूश को भोजन माना फंशी को जेवर था ,
वतन के लिये डर न पाया जेल की काली रातो से,
उसका वर्णन करू मैं कैसे कलम की अपनी बातो से ,
दे दी हमें आजादी लेकर खुद पर वो अंजाम ,
आओ कर दे हम आजादी भगत सिंह के नाम |
आओ कर दे हम आजादी भगत सिंह के नाम |
Comments
8 responses to “आओ कर दे हम आजादी भगत सिंह के नाम |”
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Waah
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Thanx
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Nice
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thanx
thanx
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BEHATAR
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Good
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वाह बहुत सुंदर
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सुन्दर रचना
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