ऊपर वाले ने कहर बरसाया है एक बूंद धरा पर न आया है धरती पर देखो आई दरार चारों ओर मचा हाहाकार कर्ज तले दबे हैं कितने किसान क्या करें सोचते हैं सुबह शाम घर […]
ऊपर वाले ने कहर बरसाया है एक बूंद धरा पर न आया है धरती पर देखो आई दरार चारों ओर मचा हाहाकार कर्ज तले दबे हैं कितने किसान क्या करें सोचते हैं सुबह शाम घर […]
(जब किसी परिवार का एक बेटा शहीद हो जाता है और चंद सालों बाद सारी दुनिया उसके परिवार के दुखों को भुला देती है, उस समय उसके घर के दरवाजे से गुजरती पुरानी हवाये जो […]
Ghar ghar chitthi aaj Saputo ne bheji h Ghr me cuha mare Sarhad pr saheedi h Ankhe tak tak jgti h Kya diwali kya eidi h Rat sansanati thand thi Har rat aise beeti h […]
कितने भी जुल्म तुम कर लो, बांध दो कितनी ही जंजीरो से मिटा देंगे तेरी हस्ती पल भर में जब छूटेंगे हम तीरों से
भारत माँ के प्यारे वीरो मेरा आप सबको प्रणाम है जो हो गए शहीद, देश की खातिर वीर तुम्हे सलाम है घर छोड़ा ,संग छोड़ी मोह माया सर्वस्व निछावर कर दिया ऐसे मेरे भारत के […]
कब तक जिए हम तेरी यादों के सहारे तेरे बिना नींद भी आती नहीं यादों के सहारे तेरे बिना जीना नहीं ये माना था मैंने पर तेरे बिना पड़ेगा जीना ये न जाना था मैंने, […]
कब तक जिए हम तेरी यादों के सहार तेरे बिना नींद भी आती नहीं यादों के सहारे तेरे बिना जीना नहीं ये माना था मैंने पर तेरे बिना पड़ेगा जीना ये न जाना था मैंने, […]
कब तक जिए हम तेरी यादों के सहारे, तेरे बिना नींद भी आती नहीं यादों के सहारे, तेरे बिना जीना नहीं ये माना था मैंने, पर तेरे बिना पड़ेगा जीना ये न जाना था मैंने, […]
छोड़कर मुझे तुम इतनी जल्दी क्यों चले गए , अभी तो सुख के पल आए ही थे अभी ही चले गए , जाने किसकी बुरी नजर लगी सब सपने अधूरे कर चले गए, जी रही […]
अदम्य साहस की पहचान, भारत के ये वीर जवान , मातृभूमि की रक्षा के लिए, जान हथेली पर रखकर, ये कर देते जीवन कुर्बान, ये है अभिनंदन जैसे वीर जवान , हमारे पूज्य है ये […]
अदम्य साहस की पहचान, भारत के ये वीर जवान , मातृभूमि की रक्षा के लिए, जान हथेली पर रखकर, ये कर देते जीवन कुर्बान, ये है अभिनंदन जैसे वीर जवान , हमारे पूज्य है ये […]
लकड़बग्घे से नहीं अपेक्षित प्रेम प्यार की भीख, किसी मीन से कब लेते हो तुम अम्बर की सीख? लाल मिर्च खाये तोता फिर भी जपता हरिनाम, काँव-काँव हीं बोले कौआ कितना खाले आम। डंक मारना […]
वीर थे अधीर थे सरहद के जलते नीर थे, इस देश के लिए बने तर्कश के मानो तीर थे, भगतसिंह राज गुरु सहदेव ऐसे धीर थे, बारूद से भरे हुए ये जिद्दी मानव शरीर थे। […]
नमन आज़ादी के परवानों का। वंदन क्रांति वीर जवानों का।। भगत, सुखदेव क्रांति वीरों के, इंक़लाब का डंका बजता था। ‘तिलक’ के विचारों का तिलक, राजगुरु के भाल सजता था। आज़ाद भारत का सपना, दिलों […]
अभियान नवगीत ” ———————— बांधे सर पे मस्त पगड़िया राह कठिन हो,चलना साथी दुराचार ख़तम करने अब उतार चलो काँधे की गाँती आन ,बान और शान हमारे अच्छे- सच्चे हैं वनवासी दिलों – दिलों को […]
Dear All, This is in reply to Saavan team’s request to share the ways I used for promotions of my poem for Martyr’s Day Contest. It was a joint effort of me, my daughter and my younger […]
Dear Saavan Team, I wanted to take a moment to extend my most sincere thanks for choosing my poem first in martyr contest. I received a message regarding 2.2k like on my poem. I want […]
लगे मैले हर साल, मालायें भी पहनायी फूलों की पथरायी मूर्तियों को कई बार मगर पत्थर की मूरत कभी मुस्कुराई नहीं कभी एक भी बार पता नहीं क्यों! Please like & share my […]
कैद अपने ही घरों में हमारी आजादी रही थी, सूनी परिचय के बिन जैसे कोई कहानी रही थी, आसमाँ खाली रहा हो परिंदों की मौजूदगी के बगैर, कुछ इसी तरह मेरे भारत की जवानी रही […]
कुछ मेरी औकात नहीं , कि तुझ पर कलाम चलाऊं मैं कुर्बानी तेरी करे बयां , वो शब्द कहाँ से लाऊं मैं नाम तेरा लेने से पहले पलकों को झपकाउं मैं भूल गए जिन पन्नो […]
“एक ये भी होली है एक वो भी होली थी जो शहीदों ने खेली थी, देश को आज़ाद कराने की ख़ातिर…मेरी कविता 23 मार्च पर शहीद दिवस के उपलक्ष्य में शहीदों को नमन करती है…..” […]
। भगत सिंह और राजगुरु के संघर्षों बलिदानों की, ये धरती है वीर बहादुर चौड़ी छाती वालों की, ब्रिटिश राज को धूमिल कर मिट्टी में मिलाने वालों की, माँ के आँचल को छोड़ तिरंगे की […]
वो माटी के लाल हमारे, जिनके फौलादी सीने थे, अडिग इरादो ने जिनके, आजादी के सपने बूने थे, हाहाकार करती मानवता, जूल्मो-सितम से आतंकित थी जनता, भारत माता की परतंत्रता ने उनको झकझोरा था, हँसते-हँसते […]
हुए बहुत लोग शहीद मेरे देश को बचाने को, पर उन “शहीदों” की “शहीदी” आज खुद शहीद सी लगती है। देश में हो रहे हंगामो में खुद कही गुम सी लगती हैं। जिस दिन औरत-आदमी […]
अंग्रेज रूपी कंश हेतु वह तो कृष्ण कलेवर था , करतूश को भोजन माना फंशी को जेवर था , वतन के लिये डर न पाया जेल की काली रातो से, उसका वर्णन करू मैं कैसे […]
जब जब भारत के इतिहास के पन्ने पलटे जायेंगे, भगत सिंह,सुखदेव,राजगुरु के नाम भी लिए जायेंगे ! ये वो हैं जिन्होंने अंग्रेजों की ईंट से ईंट बजा दी थी, भारत माँ के लिये अपने प्राणों […]
जब जब भारत के इतिहास के पन्ने पलटे जायेंगे, भगत सिंह,सुखदेव,राजगुरु के नाम भी लिए जायेंगे ! ये वो हैं जिन्होंने अंग्रेजों की ईंट से ईंट बजा दी थी, भारत माँ के लिये अपने प्राणों […]
भगत सिंह, शिव राज गुरु, सुखदेव सभी बलिदान हुए, इस धरती माँ की खातिर कितने ही अमर नाम हुए, ब्रिटिश राज की साख मिटाने को एक जुट मिटटी के लाल हुए, कभी सीने पर गोली […]
“एक ये भी होली है एक वो भी होली थी जो शहीदों ने खेली थी, देश को आज़ाद कराने की ख़ातिर…मेरी कविता 23 मार्च पर शहीद दिवस के उपलक्ष्य में शहीदों को नमन करती है…..” […]
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