12 Comments

  1. झूठ को सच बनाने वाली
    दलाल मीडिया के लिए
    आओ ताली बजाते हैं

    सच्चाई को आपके सामने ला दिया
    आपकी रचना को सलाम

  2. कम शब्दों में आपने बहुत कुछ कह दिया, सही अर्थों में आपकी कविता गागर में सागर है
    ‘आओ ताली बजाते हैं!’ बहुअर्थी प्रयोग है

Leave a Reply