8 Comments

  1. सदियों से चला आ रहा,यह कोई नई कहानी नहीं,
    उड़ता रहता हूं गगन में ,पर पानी मुझे दिखता नहीं,
    मैं भी प्यासा हूं मेरे लिए कोई पानी क्यों रखता नहीं।
    मैं कोई और नहीं मैं हूं चिड़िया पक्षी खग हूं,
    _____________ पक्षियों के लिए पानी रखने की प्रथा को याद दिलाती हुई अति उत्तम रचना। सराहनीय प्रस्तुति

  2. मैं भी इस जग का हिस्सा,
    मानवता के नाते क्या आप से कोई रिश्ता नहीं
    _बहुत सुंदर प्रस्तुति

  3. पशु पक्षियों के लिए प्याऊ रखने की व्यवस्था का वर्णन करते हुए बहुत ही सुंदर पंक्तियां

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