आग जलने दो यारों, धुआं ना करो
दिल के जख्मों को गहरा कुआं ना करो
मर ही जाने दो मुझको तुम्हें है कसम
मेरे जीने की रब से दुआ ना करो
शक्ति त्रिपाठी देव
आग जलने दो
Comments
6 responses to “आग जलने दो”
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Nice
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Tq❤️🙏
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वाह
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Thanks
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Nice
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Tq ❤️🙏🏼
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