छुपे सूरज क्षितिज में तो यकीनन शाम कहते हैं जहां जन्मे प्रभू उसको अयोध्या धाम कहते हैं हमारी आस्था देवों में कोई कम नहीं लेकिन जो मर्यादा के स्वामी हैं उन्हें श्री राम कहते हैं।

मेरे घर में रहे तो फिर किराया दे गए होते भंवर में था , मुझे कोई किनारा दे गए होते नहीं कुछ और ख्वाहिश है सनम तुमसे मुझे लेकिन चले जाना हि था तो दिल […]

रख अभी जिंदा मुझे, आंसू बहाने के लिए साथ तेरे प्रेम का रिश्ता निभाने के लिए और कुछ ना मांगता हूं बस यही अरदास है। दे दे बस दो गज जमीं इक आशियाने के लिए […]

जुदाई का दर्द कांटों से ही प्रेम हो गया ,कलियां दिल में चुभती है दर्द भारी यादों में तेरी मेरी अखियां जगती हैं ज्यादा जुल्म किया फूलों ने कांटे बस बदनाम हुए जो चुभते रहते […]

मुझे तेरी हथेली पर जिगर की बात लिखने दे तुझे लव की कसम है आज सारी रात लिखने दे लिहाजा आप मुझसे हो खफा एहसास है लेकिन मिला जो आपसे मुझको वही सौगात लिखने दे। […]

अंगारों से खेलूंगा और तूफ़ा से लड़ जाऊंगा मंज़िल मुठ्ठी में होगी ,ऐसे पीछे पड़ जाऊंगा एक हार से कम ना आंको मुझे जरा दुनिया वालों हर मुश्किल घुटने टेकेगी, गर जिद पे अड़ जाऊंगा […]

जय महादेव जय मृगपाणी दक्षाध्वरहर जय कामारी शशिशेखर ,नीलकंठ भगवन जय महाकाल जय त्रिपुरारी शिव शंकर, गंगाधर शंभू जय जगद्गुरू जय व्योमकेश मुझे अपनी शरण में लो भगवन ,सर्वज्ञ अनिश्वर जय महेश। ✍️ देव 🙏

वीर जवानों की ये शहादत भूल नहीं हम पाएंगे ड्रैगन की औलाद तुझे हम जमकर धूल चटाएंगे मिट जाएगा नक्शा तेरा, कहीं नजर ना आयेगा तूने यदि पत्थर फेंका तो हम तिरसूल चलाएंगे। चमगादड़ तुझको […]

आज भी उसकी खैरियत की दुआ करता हूं उसकी तस्वीर को होंठों से छुआ करता हूं बेवजह ही वो सजाती है जनाजा मेरा उसके एहसास में मैं खुद को धुवां करता हूं शक्ति त्रिपाठी देव

मेरी जलती चिता पर लोग रोटी सेंक लेते हैं सहारे की जरूरत पर मेरा ही टेक लेते हैं जमाने ने मुझे समझा किसी माचिस की तीली सा जला करके दिया अक़्सर जिसे सब फेंक देते […]

भीगी भीगी रातों में जब याद तुम्हारी आती है सच कहता हूं यार मेरे ये आंखें जल बरसाती हैं कैसे कह दूं दोस्त मेरे की मुझको तुमसे प्यार नहीं प्यार असीमित है तुमसे ,इसमें कोई […]

बारीकियों से पढ़ मेरे दिल की किताब को गलती से कोई पन्ना कहीं छूट ना जाए। मिट्टी का खिलौना तुम्हें लगता है दिल मेरा पर ऐसे खेलना कहीं ये टूट ना जाए। Shakti Tripathi “DEV”