आजाद की सुन ले

बापू की नहीं सुनते आजाद की सुन ले
तू है गुलाब तो काँटे सभी चुन ले
नरम गरम दल में अब एकता हुई
अब नाश हो आतंक का चलना है ये धुन ले
)(2)
एककीस्वी सदी की भारत की फौज है
दुश्मन तनाव में भारत में मौज है
संयुक्त राष्ट्र संघ भी लोहा है मानता
घबड़ा रहा है देखो जो आधुनिक डालहौज है
(3)
भारत किसी भी मुल्क से कमजोर नहीं है
जो बाँध दे सीमा में ऎसी डोर नहीं है
मारेंगे घर में घुसकर नारा नया दिया
दुश्मन की रात आखिरी अब भोर नहीं है

Comments

4 responses to “आजाद की सुन ले”

  1. Amita Gupta

    Very nice

  2. Ekta Gupta

    भारत किसी भी मुल्क से कमजोर नहीं है ,
    जो बांध दे सीमा में ऐसी डोर नहीं है,
    बहुत सुंदर पंक्तियां

  3. वाह क्या बात है बहुत खूब

Leave a Reply

New Report

Close