आज टूट गये हम

आज टूट गये हम
तुम्हारे वादों की तरह
बरस गयी आंखे हमारी
बावरे सावन की तरह

Comments

7 responses to “आज टूट गये हम”

  1. Satish Pandey

    खूब बहुत खूब

  2. उपमा अलंकार का प्रयोग

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