आज पा पा बोल दिया

आठ महीने की गुड़िया ने
आज पा पा बोल दिया
धीरे-धीरे साफ शब्द कहकर
वाणी को खोल दिया।
वैसे तो गुड़िया रानी,
अपनी भाषा में गाती है,
कहती है कुछ, इठलाती है
देखो तो मुस्काती है।
लेकिन आज अचानक उसने
पा पा मुझसे बोल दिया,
आज अचानक साफ शब्द
कहकर वाणी को खोल दिया।

Comments

5 responses to “आज पा पा बोल दिया”

  1. वात्सयमयी रचना

  2. वाह वात्सल्य से परिपूर्ण

  3. Geeta kumari

    वाह, सतीश जी वात्सल्य से परिपूर्ण अति सुंदर रचना ।कवि की अपनी बिटिया के पापा बोलने पर खुशी व्यक्त करती हुई बहुत सुंदर कविता । सुन्दर शिल्प और सुन्दर अभिव्यक्ति ।

  4. सुन्दर अभिव्यक्ति

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