15 Comments

  1. बहुत ख़ूबसूरत पंक्तियां हैं सतीश जी कविता पढ़ के समीक्षा के लिए शब्द ही नहीं मिल रहे हैं। लाजवाब…काबिले तारीफ़।
    इतनी सुन्दर कविता लिखते हैं आप…आपसे सीखना पड़ेगा ।

    1. इतनी शानदार समीक्षा करती हैं आप, धन्यवाद शब्द भी कम पड़ जाता है। अभिवादन के सिवा क्या कहें। लेकिन लेखनी आपकी जबरदस्त है।

Leave a Reply