आया राखी का पावन त्योहार भैया।
तुझको पुकारे बहना का प्यार भैया।।
फूल अक्षत चंदन से मैं थाली सजाई।
मेवा मधुर और घी की ज्योति जगाई।।
आंगन में अहिपन बनाई दो-चार भैया।
आजा, तुझको पुकारे बहना का प्यार भैया।।
आया राखी का पावन त्योहार भैया……।।
सब मंगल भरे हैं इन धागों में यार।
ना मामूली है इसमें बहना का प्यार।
दिल से दिल का ये है आधार भैया।
जरा सुन ले ‘विनयचंद ‘ पुकार भैया।
आजा, तुझको पुकारे बहना का प्यार भैया।।
आया राखी का पावन त्योहार भैया ………..।।
आया राखी का पावन त्योहार भैया
Comments
6 responses to “आया राखी का पावन त्योहार भैया”
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बहुत खूब, बहुत सुंदर
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धन्यवाद
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भाई- बहन के पावन त्यौहार पर उनकी भावनाओं को व्यक्त करती सुंदर रचना
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शुक्रिया बहिन
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Nice
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Nice
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