आलोचना का जिम्मा
फिर से उठा लिया तूने
चल अच्छा है ये काम
संभाल लिया तूने
साहित्य के मंच पर
दूरियां अच्छी नहीं लगती
जैसे-तैसे दिल को मना लिया तूने…
आलोचना का जिम्मा
Comments
6 responses to “आलोचना का जिम्मा”
-
बहुत सुंदर पंक्तियां
-

This comment is currently unavailable
-
-
वाह बहुत खूब
-

This comment is currently unavailable
-
-
बहुत सुंदर
-

वाह सुंदर लेखन
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.