आलोचना का जिम्मा

आलोचना का जिम्मा
फिर से उठा लिया तूने
चल अच्छा है ये काम
संभाल लिया तूने
साहित्य के मंच पर
दूरियां अच्छी नहीं लगती
जैसे-तैसे दिल को मना लिया तूने…

Comments

6 responses to “आलोचना का जिम्मा”

  1. Geeta kumari

    बहुत सुंदर पंक्तियां

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  2. Rishi Kumar

    बहुत सुंदर

  3. वाह सुंदर लेखन

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