आवरण मेरा बहुत ही भव्य है,
आचरण में दाग धब्बे पड़ गए,
जम गई अंतः पटल में कालिमा
भाहरी दिखने की है यह लालिमा।
– डॉ0 सतीश पाण्डेय, चम्पावत
उत्तराखंड।
आवरण
Comments
16 responses to “आवरण”
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शानदार पाण्डेय जी
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सादर धन्यवाद
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Badhiya
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thanks
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👍
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धन्यवाद जी
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Nice
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धन्यवाद ji
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sachchi kavita
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thank you
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बहुत खूब
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धन्यवाद जी
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बाहरी
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आवरण मेरा बहुत ही भव्य है,
आचरण में दाग धब्बे पड़ गए,
जम गई अंतः पटल में कालिमा
बाहरी दिखने की है यह लालिमा।
– डॉ0 सतीश पाण्डेय, चम्पावत
उत्तराखंड।-
वाह उत्तम
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kam
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