आशा की किरण

ज्यों सूर्य की किरण,
मिटा देती है धरा का तम।
वैसे ही एक आशा की किरण,
संचार कर देती है खुशियों का
बन कर जीवन की तरंग।
आशा न टूटे कभी,
निराश न होना मनुज।
आशा पर ही टिका है,
भावी जीवन का आधार।।
______✍️गीता

Comments

9 responses to “आशा की किरण”

  1. बहुत सुंदर कविता,
    ज्यों सूर्य की किरण,
    मिटा देती है धरा का तम।
    वैसे ही एक आशा की किरण,
    संचार कर देती है खुशियों का
    बन कर जीवन की तरंग।
    —– सुन्दर कविता, बहुत सुंदर भाव

    1. Geeta kumari

      सुन्दर समीक्षा हेतु बहुत बहुत धन्यवाद सतीश जी

  2. बहुत अच्छी रचना

    1. Geeta kumari

      बहुत-बहुत धन्यवाद पीयूष जी

  3. बहुत सुंदर रचना

    1. Geeta kumari

      बहुत-बहुत धन्यवाद सर

  4. अति सुन्दर

    1. Geeta kumari

      हार्दिक आभार कमला जी

  5. बहुत ही सही कहा आपने
    True line

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