आज़ादी के जश्न बहुत पहले भी तो तुमने देखे
माँ के दिल से बहते वो आंसू भी क्या तुमने देखे,
भूखे बच्चे लुटती अस्मत व्यभचारी ये व्यवस्था है
क्या सच में हो गए वो पुरे सपने जो तुमने देखे ,
हर किसान गमगीन यहाँ हर पढ़ा लिखा बेचारा है
छिपे हुए उनकी आँखों के आंसू क्या तुमने देखे ,
पर संकल्प आज ये करते हम सब मिल कर है सारे
करेंगे सपने वो पूरे जो मिलकर हम सबने देखे ,
न हिन्दू न मुसलमान न सिख न कोई ईसाई है
लड़ कर मधुकर देख चुके हम प्यार भी कुछ करके देखे
मधुकर
आज़ादी का जश्न

15 अगस्त पर देशभक्ति कविता 26 जनवरी पर कविता आजादी पर हिंदी कविता गणतंत्र दिवस पर कवितायें गणतंत्र दिवस पर भाषण गणतंत्र दिवस पर शायरी गणतंत्र दिवस पर शेर गणतंत्र दिवस पर स्लोगन गणतंत्र दिवस पर हास्य कविता छोटे बच्चों के लिए देशभक्ति कविता देश प्रेम पर छोटी कविता देश भक्ति कविता डाउनलोड देशभक्ति कविता 2019 देशभक्ति कविता मराठी देशभक्ति की कविता सैनिकों पर हिंदी में देशभक्ति कविता स्वतंत्र दिवस पर कवितायें स्वतंत्रता दिवस पर कविता स्वतंत्रता दिवस पर नारे स्वतंत्रता दिवस पर निबंध स्वतंत्रता दिवस पर भाषण स्वतंत्रता दिवस शायरी स्वतंत्रता पर बाल कविता स्वतंत्रता सेनानियों पर कविता
Comments
3 responses to “आज़ादी का जश्न”
-
खूबसूरत मधुकर जी आभार
-

bahut khoob Madhukar ji
-
जय हिंद
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.