इक लौ जलाकर आया हूं अंधेरों में कहीं

इक लौ जलाकर आया हूं अंधेरों में कहीं
ख्वाहिश है के वो कल तक सूरज बन जाये

Comments

3 responses to “इक लौ जलाकर आया हूं अंधेरों में कहीं”

  1. Mithilesh Rai Avatar

    बहुत खूब

Leave a Reply

New Report

Close