इबादत है तू
मेरे सांसों में समाई
खो ना जाना
रूठ ना जाना
सह ना पाऊँगा
ज़िन्दगी में जिस चीज़ को चाहा है
वो दूर हो जाती है
कमी शायद मुझमें ही है पता नहीं
जब सब ठीक चलता है
तो तब डर लगा रहता है खोने का
तेरी तस्वीर को पकड़े
उन पलों को याद किए जाते है
वही ज़िन्दगी का सहारा है
अब किसी को उस तरह पास ना
आने देता हूँ
क्यों की तेरी जगह कोई नहीं ले सकता है
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