ईश्वर के द्वार

जाओ ईश्वर द्वार पर, मांगो मत वरदान
तन मन धन सब कुछ करो, प्रभु चरणों में दान, सभी कुछ देकर गाओ
कर्ता है भगवान्, आप अभिमान मिटाओ
कह पाठक कविराय, पारिस्थित जैसी पाओ
भाव रखो संतोष, ईश दरवाजे जाओ

Comments

2 responses to “ईश्वर के द्वार”

  1. Pragya

    सुंदर अकविता

  2. अतिसुंदर भाव 

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