ईश वंदना

आइए शुद्ध भावो से प्रार्थना करे
किसी भी मुसीबत से हम ना डरे
हो क्रपा आपकी हम पे इतनी सदा
स्मरण ईश की हर घड़ी हम करे
हर बुराई से बचते बचाते हुए
बन के सेवक दुखों का हरण हम करे
पथ में सुख दुख के जो भी साथी मिले
प्रेम संगीत उनके ह्रदय में भरे
हम कभी भी मानवता को भूले नहीं
दवा और दुआ से हम पीड़ा हरे
धर्म इंसानियत का है सबसे बड़ा
ईर्ष्या दंभ के भाव से ना भरे
सबका सुख दुख सदा बांटने के लिए
नौका बन के नदी में चले सब तरे
आइए शुद्ध भावो से प्रार्थना करे

Comments

5 responses to “ईश वंदना”

  1. Ekta Gupta

    स्मरण ईश की हर घड़ी हम करें,
    बहुत सुंदर पंक्तियां

  2. राकेश पाठक

    Thanks

  3. Amita Gupta

    बहुत सुंदर प्रार्थना रचना के माध्यम से

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