दांतों तले आंचल दबा लेना।
उफ़… कहाँ गया वो ज़माना।।
उफ़…
Comments
8 responses to “उफ़…”
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वाह
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शुक्रिया मेहरबान।
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वाह
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स्वागत है।
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बहुत खूब
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आपकी समीक्षा ही मेरे लिए अनमोल तोहफ़ा है।
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सुन्दर अभिव्यक्ति
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सर । आपने रचना वो सराहा इसके लिए धन्यवाद।
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