उफान-ए-समंदर

‘कैसे रोकेगा मेरे इरादों को ये उफान-ए-समंदर,
आतिश को दबाए रखा है आगज़नी के लिए..’

– प्रयाग

मायने :
उफान-ए-समंदर – समुद्र का उफान
आतिश – चिंगारी

Comments

15 responses to “उफान-ए-समंदर”

  1. वाह,बहुत बढ़िया

  2. Urdu or hindi dono pe achi pakad h apki

    1. Geeta kumari

      बिल्कुल सही।ये बात तो है…

    2. Prayag Dharmani

      जी 12 साल हो गए लिखते हुए

    3. बहुत वक्त लग गया इस लहज़े को हासिल करने में

      1. लेकिन महारत हासिल कर ली है, आपने

  3. प्रशंसा के लिए शब्द भी कम पड़ रहे हैं वाह

    1. Prayag Dharmani

      बहुत आभार आपका

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