उसकी तस्वीर

 

बोलने वाले की हर बात में

मिठास होती है

अगर सुनने वाले में

सुनने खातिर

प्यास होती है।

 

उसकी तस्वीर निहारके

ऐसा लगता है मानो

उससे रोज़ मेरी

मुलाकात होती है।

 

ये बात सुनने में बहुत अटपटी लगेगी

लेकिन सच है

कि मेरी खुशी और गम

दोनो का कारण

उसकी याद होती है।

 

 

एक बात बहुत चुभती है मुझे

गुस्सा भी आता है

कि मेरी छुट्टियों के दिनों में ही

उसकी जरूरी क्लास होती है।

 

तभी तो यारों

उससे मिले बगैर

अरसा बीत जाता है

और फिर वो तस्वीर ही

आखिरी आस होती है।

                                                         –   कुमार बन्टी

Comments

2 responses to “उसकी तस्वीर”

  1. Abhishek kumar

    Great

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