किस्मत को आजमाकर
एक ख्वाब जिया है मैंने
आँसुओं को शराब- सा पिया है मैंने,
यहाँ से दूर चला जाऊंगा मैं
ये फैसला अब किया है मैंने…
“एक ख्वाब जिया है मैंने”
Comments
6 responses to ““एक ख्वाब जिया है मैंने””
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बहुत खूब
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धन्यवाद
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अतिसुंदर
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धन्यवाद
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तकदीर से बच जाए ज़माने में किसका मजाल है।
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आपका आभार सर
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