एटम बम की होड़

दुनिया के सब देश मे, एटम बंब की होड़
शांति संधि सब शर्त को, पल में देती तोड़
पल में देती तोड़, बड़ा खतरा है भाई
होगा दुनिया अंत, होड़ है ये दुख दाई
कह पाठक कविराय, कुल्हाड़ी पैर न मारो
दुनिया के सब देश, स्रजन की होड़ सुधारो

Comments

5 responses to “एटम बम की होड़”

  1. Ekta

    Very nice

  2. Pragya

    बहुत सुन्दर

  3. विश्व में शांति हो ऐसा संदेश देती सुंदर रचना

  4. बहुत सुंदर रचना है पाठक जी

Leave a Reply

New Report

Close