लब कहे या न कहे
दिल यही कहता है
मेरे दिल मे बस तू ही रहता है
दर्द बढे या दर्द घटे
बस दिल यही कहता है
इस दर्द में भी तू ही रहता है
तुमसे लड़ूं या चुप रहूं
पर अरमान यही कहते है
मेरा हमसफर मेरा हमनवां
मेरे पास रहता है
नही जरूरी जतलाना बस
एहसास कराना है
सांस चले या सांस थमे
हर पल साथ बिताना है
एहसास
Comments
3 responses to “एहसास”
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वाह
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बहुत बढ़िया
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बहुत सुंदर रचना
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