ऐसी होती हैं बेटियां

नव वर्ष की उमंग सी होती है बेटियां,
संगीत की तरंग सी होती है बेटियां
मां-बाप के हर दर्द में रोती हैं बेटियां,
सागर से निकले मोती सी होती है बेटियां
सुमधुर काव्य-गायन सी होती है बेटियां,
ब्रह्म मुहूर्त सी पावन होती है बेटियां
वह घर प्रभु के आशीष से युक्त है,
इस जहां में,जहां जन्म लेती है बेटियां.. ।।
___✍️गीता

Comments

10 responses to “ऐसी होती हैं बेटियां”

    1. Geeta kumari

      Thank you very much

  1. Anu Singla

    Beautiful

    1. Geeta kumari

      Thanks Anu ji

  2. अति सुंदर

    1. Geeta kumari

      धन्यवाद ऋषि जी

  3. नव वर्ष की उमंग सी होती है बेटियां,
    संगीत की तरंग सी होती है बेटियां
    —- बेटियों पर कवि गीता जी की बहुत सुंदर रचना।

    1. Geeta kumari

      बहुत-बहुत आभार सतीश जी, हार्दिक धन्यवाद

  4. अतिसुंदर रचना

    1. Geeta kumari

      बहुत-बहुत धन्यवाद भाई जी🙏

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