औरत तेरी कहानी
जैसे बहता पानी
महानता तेरी जगमानी
वेग है तू जबरदस्त तूफानी.
पर्वतों मे तू नदी वेगवाहिनी
मैदानों मे तू स्थिर विरानी
खेतो मे तू अन्न गर्भ धारणी
महान होकर भी तू सदाचारणी.
धरातल मे तू पाताल वासनी
पालन करे तू पालनहारिणी
गृह उद्धारक तू ह्रदय वासनी
सृष्टि का आरम्भ तू और जग कल्याणी.
औरत
Comments
11 responses to “औरत”
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बहुत सुन्दर
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Chears to woman
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Great
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Nice
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Very nice
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,👌
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Good
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Good
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वाह
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Wow
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Good
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