और बात थी

बात गर खत्म हो जाती तो और बात थी।
रात गर खत्म हो जाती तो और बात थी।
हीर और राँझा अब भी है देश में लेकिन
जात गर खत्म हो जाती तो और बात थी।

ओमप्रकाश चंदेल “अवसर”

पाटन दुर्ग छत्तीसगढ़ 

Comments

11 responses to “और बात थी”

  1. Mikesh Tiwari Avatar
    Mikesh Tiwari

     बहुत सुंदर |

    1. ओमप्रकाश चंदेल Avatar
      ओमप्रकाश चंदेल

      धन्यवाद आपका

    1. ओमप्रकाश चंदेल Avatar
      ओमप्रकाश चंदेल

      धन्यवाद राजपूत जी

  2. Sonit Bopche Avatar

    kya khoob kha omprakash bhai.

    1. ओमप्रकाश चंदेल Avatar
      ओमप्रकाश चंदेल

      धन्यवाद भाई साहेब

    1. ओमप्रकाश चंदेल Avatar
      ओमप्रकाश चंदेल

      धन्यवाद उदय जी

    1. ओमप्रकाश चंदेल Avatar
      ओमप्रकाश चंदेल

      धन्यवाद

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