4 Comments

  1. न्याय नाम से मची है वहां पर अंधी दौड़
    अन्याय का हितैषी है जहां का हर अवयव

    चलो न्याय न्याय खेलें हम

    पर वो ना खेलें
    जिनके जेब में ना हो दम
    चलो न्याय न्याय खेलें हम

  2. कोर्ट कचहरियों पर यथार्थ चित्रण प्रस्तुत करती हुई बहुत ही सटीक रचना ।कोई न फंसे इनके माया जाल में।

  3. अप्रमेय तथ्य है सदा से ही अविकल्प
    जीवन में शांति उन्हीं से पर है कायम
    प्रमाण सदन तो कुंठा से ही भरे हुए
    जीवन अवसाद का जो सदा बने कारण..
    अद्भुत

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