कदम दर कदम मै बढाने चला हूँ।

कदम दर कदम मै बढाने चला हूँ।
सफर जिन्दगी का सजाने चला हूंँ।

खुशी-ए-जमाना तुझे सौप कर मैं,
सफल जिन्दगी को बनाने चला हूँ।

मुहब्बत से ज़्यादा ये कुछ भी नही है,
ग़ज़ल प्यार मैं गुनगुनाने चला हूँ।

दिखा दो वफाई वफा कर सनम तू,
दिलो मे तुझे अब बसाने चला हूँ।

पिछा रौशनी का रहा है जहाँ पे,
तुफानों मे दीया जलाने चला हूँ।

मुखातिब तराना बनाना तु “योगी”,
भजन जिकड़ी अब लगाने चला हूँ।

योगेन्द्र कुमार निषाद” योगी निषाद”
घरघोड़ा,छ०ग०

Comments

3 responses to “कदम दर कदम मै बढाने चला हूँ।”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

  2. Abhishek kumar

    Superb

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