कमाई करो

प्यार से पहले
कमाई करो
धन हो या शिक्षा
उसकी रोपाई करो,
भूखे कभी न रहोगे
ठग कभी न जाओगे,
दुनिया तुम्हें रुलाएंगी,
है ज्ञान तो रोने से बच जाओगे,
शिक्षा- संघर्ष सवाल देती है
धन- स्वाद, वस्त्र साधन देता है,
जीवन को उत्तम से उत्तम रखना चाहो
सिर्फ शिक्षा के प्रेमी के संग मिलकर रहना है
✍ऋषि कुमार ‘प्रभाकर’-

Comments

3 responses to “कमाई करो”

  1. vikash kumar

    Hingh level poem and great

    1. vikash kumar

      High level poem

  2. Pragya

    बहुत ही सुंदर विचार व्यक्त किये हैं आपने…

Leave a Reply

New Report

Close