गुजारिश कर
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और माँग ले
कर्ण के कवच-कुण्डल
जीवन का यही
सत्य है
अपनी मृत्यु को
टाल दे
औरों की मृत्यु का
कारण बन
जगमगा जीवन के प्रकाश में
किसी के जीवन में
तिमिर लाकर
अधिकार जता और
वरदान में माँग ले
कर्ण के कवच-कुण्डल
जीवन की यही
रीत है
आज से नहीं
आदिकाल से ….
कर्ण के कवच-कुण्डल
Comments
6 responses to “कर्ण के कवच-कुण्डल”
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Nice
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Thanks
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मार्मिक रचना
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Thank u
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वाह
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सुंदर
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