कर्तव्य पथ पर बढ़ चल
ना फिकर कर
जो मिले राह में मुश्किलें
ना फिकर कर
हौसला बुलंद रख
किस्मत को मुट्ठी में बंद रख
पुष्पों पर चलकर कभी नहीं
मिलती है मंजिल याद रख
कांटो से जब छिलेगा
दामन तुम्हारा
मिलेगी तब ही सफलता याद रख।।
कर्तव्य पथ पर बढ़ चल
Comments
4 responses to “कर्तव्य पथ पर बढ़ चल”
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बहुत खूब
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आभार धन्यवाद
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Sahi boli ap….
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बहुत-बहुत धन्यवाद
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