कर्म का पेड़, खुदा के जैसा,
परख के फल वो देता है,
किसी को कड़वा, किसी को मीठा,
मगर मिलता हमेशा मेहनत का है।
कर्म का पेड़
Comments
14 responses to “कर्म का पेड़”
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सुंदर
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धन्यवाद सर
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इंसान जैसे कर्म करता है वैसे ही फल पाता है, बहुत सुंदर भाव
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बहुत बहुत आभार सर
हौसला अफजाई करने के लिए
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बहुत सुन्दर
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धन्यवाद
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Karman ki gati niyaari. Taare na Tari.
Aapki poem k bhi kuch ese hi bhawart hai. Atisundar.-

धन्यवाद जी
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बहुत बढ़िया कर्म ही पूजा है
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धन्यवाद सर
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बहुत ही अच्छी कविता है!
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धन्यवाद जी
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Sahi kaha
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धन्यवाद
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