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  1. कर्म करने को प्रेरित करती गीता जी की इस कविता में सरसता, स्वाभाविकता, सजीवता के गुण समाहित हैं। कठिन शब्दों से बचा गया है। भाषा में प्रवाह है। कविता को जीवन के हर छोर के साथ जोड़ा गया है। संप्रेषणीयता के स्तर पर खरी उतरती यह कविता बहुत सुंदर है।

    1. कविता की इतनी सुन्दर और प्रेरक समीक्षा हेतु आपका हार्दिक आभार सतीश जी। बहुत-बहुत धन्यवाद

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