कल ही आ जाना बहना तू
परसों तो रक्षाबंधन है,
कुछ देर बैठकर बचपन की
यादों को ताज़ा कर लेंगे।
तू भी अपने में व्यस्त हो गई
हमको भी फुर्सत न रही
अब कल ही आ जाना बहना,
परसों तो रक्षाबंधन है।
कल ही आ जाना बहना तू
Comments
9 responses to “कल ही आ जाना बहना तू”
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सुन्दर भाव।
कुछ देर बैठ कर बचपन की यादों को..nice line-
सादर धन्यवाद, प्रज्ञा बहन
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धन्यवाद भाई
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भाई का अपनी बहन को इतने प्यार व मनुहार से बुलाना….वाह — अति सुंदर
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सादर धन्यवाद जी
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Behtrin kavya
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सादर धन्यवाद शास्त्री जी
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nice
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Thank you
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