राखी पर

तुमने तो बहन आज मुझे
पहना दी सुन्दर सी राखी,
प्यारी सी कोमल सी राखी
यह प्रेम रंग रंगती राखी।
यह राखी है अनमोल सूत्र
जो जोड़ रहा विश्वास अटल
कोई उपहार नहीं ऐसा
जो दे पाऊं इस राखी पर।

Comments

8 responses to “राखी पर”

  1. इस त्योहार की सुन्दर झांकी
    प्रस्तुत की है आपने।
    सच ही तो है दुनिया का सबसे निश्छल प्रेम है भाई बहन का प्यार।

    1. Satish Pandey

      सादर धन्यवाद

      1. वेलकम

  2. Pt, vinay shastri ‘vinaychand’

    Atisunder

    1. Satish Pandey

      धन्यवाद जी

  3. Satish Pandey

    सादर धन्यवाद जी

  4. Geeta kumari

    सुंदर रचना…..वैसे उपहार तो देना होगा बहन को ऐसे छूट नहीं जाएंगे आप🙏

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