10 Comments

  1. चमके ललाट राष्ट्र रहे चमक तिरंगे की |
    सीमा बम धमाका कोई थोड़ा उधर मे हो |
    इन पंक्तियों में आपने समा बाँध दिया है
    जैसी आपने कल्पना की है निश्चित ऐसा ही होना चाहिए
    आपने सटीक शब्दों में अपनी बात कही है

  2. दीवाली के पर्व को राष्ट्र-हित मे मिश्रित कर के आपने अपनी कविता को बहुत ही सुन्दर रुप प्रदान किया है। बहुत सुंदर प्रस्तुतिकरण

Leave a Reply