कविता मन तक आती है

तुम्हें बोलने को कुछ
कविता मन तक आती है
पर संस्कार हमारे
हमें गूंगा बना देते हैं…

Comments

4 responses to “कविता मन तक आती है”

  1. राकेश पाठक

    What is दिस?

  2. Ekta

    लेखनी चला कर
    आप पूरी बात
    ही बता देते

    1. धन्यवाद 

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