जब तुम्हारे और मेरे रास्ते अलग हैं तो
मेरे रास्तों में आकर कांटे क्यों बिछाते हो?
कोई मोहब्बत नहीं है हमसे अगर
तो एहसान जताते क्यों हो?
कांटे बिछाते क्यों हो?
Comments
11 responses to “कांटे बिछाते क्यों हो?”
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वाह क्या है
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Very nice 👌
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धन्यवाद
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बहुत खूब
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धन्यवाद
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👏👏👏👏👏
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धन्यवाद
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Nice
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Tq
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सुन्दर अभिव्यक्ति
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