8 Comments

  1. बहुत ही लाजवाब रचना, काम के बोझ तले दबे इंसान की सुकून की तलाश की संवेदना कवि की कलम से मुखरित हुई है। वाह

  2. इस सुंदर समीक्षा हेतु आपका बहुत बहुत धन्यवाद आपका सतीश जी. कविता के भाव की बखूबी व्याख्या की है आपने .अभिवादन सर 🙏

Leave a Reply