किताबों में दबे फ़ूल सी है जिंदगी मेरी

किताबों में दबे फ़ूल सी है जिंदगी मेरी
सूखी सी है मगर महक अभी तक बची है

Comments

11 responses to “किताबों में दबे फ़ूल सी है जिंदगी मेरी”

  1. Antariksha Saha Avatar
    Antariksha Saha

    Khub kaha

  2. Priya Choudhary

    बहुत अच्छा

Leave a Reply

New Report

Close