किया है प्यार

किया है प्यार तो इकरार से इन्कार क्या करना।
है मरना शौक़ बचने का जतन बेकार क्या करना।
तेरा आगोश ही मझधार बनकर गर डुबाता हो,
तो आशिक़ दिल ये कहता है कि दरिया पार क्या करना।

संजय नारायण

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