कौन बचा है पूरा,
किसका दिल टूटा नहीं।
इन हसरतों की दौर में ,
कौन रोता नहीं !
किसका दिल टूटा नहीं।
Comments
10 responses to “किसका दिल टूटा नहीं।”
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Nice lines
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Thank you
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जो पाषाण होतें हैं सिर्फ उनका नहीं
इंसानों का हृदय कोमल होता है और दुःखता रहता है…
सुन्दर रचना-

जी सही कहा आपने ,बहुत बहुत धन्यवाद
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सुंदर
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Thank you
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Nice
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Thank you
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आज फिर मौसम नम हुआ, मेरी आँखों की तरह,
शायद बादलों का भी दिल, किसी ने तोड़ा होगा-

Thank you
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