किसका दिल टूटा नहीं।

कौन बचा है पूरा,
किसका दिल टूटा नहीं।
इन हसरतों की दौर में ,
कौन रोता नहीं !

Comments

10 responses to “किसका दिल टूटा नहीं।”

  1. जो पाषाण होतें हैं सिर्फ उनका नहीं
    इंसानों का हृदय कोमल होता है और दुःखता रहता है…
    सुन्दर रचना

    1. जी सही कहा आपने ,बहुत बहुत धन्यवाद

    1. Pratima chaudhary

      Thank you

  2. Pratima chaudhary

    Thank you

  3. Deep

    आज फिर मौसम नम हुआ, मेरी आँखों की तरह,
    शायद बादलों का भी दिल, किसी ने तोड़ा होगा

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