कुछ खुशियाँ होती

कितना अच्छा होता
तुम होते और हम होते।
कुछ खुशियाँ होतीं
कुछ गम होते।

Comments

12 responses to “कुछ खुशियाँ होती”

    1. शुक्रिया,

      1. nitu kandera

        Ok o

    1. शुक्रिया आपका

  1. राही अंजाना Avatar

    दो दो लाइन का क्या मज़ा है।
    लगता है जैसे सब सजा है।।

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