कुछ लफ़्ज़ ठहरा रखे हैं कागज पर

कुछ लफ़्ज़ ठहरा रखे हैं कागज पर
Comments
6 responses to “कुछ लफ़्ज़ ठहरा रखे हैं कागज पर”
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उम्दा..बेहतरीन
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so nice…mukul
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nice
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G
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Good
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कुछ लफ़्ज़ ठहरा रखे हैं कागज पर
क्या पता कभी कोई कविता बन जायें
Waah waah, very nice poem
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