केवल सावधानी रखनी है

विपरीत समय है,
मानवता पर संकट के बादल छाए हैं।
जहां-तहां महामारी ने
सबके चेहरे मुरझाए हैं।
ऐसे में संयम रखना है
और नहीं इससे डरना है,
मुंह पर मास्क लगाए रख कर
इस संक्रमण से बचना है।
माना इसने पकड़ लिया
तब भी घबराहट दूर रहे
उच्च मनोबल रखकर इससे
सारे रोगी जीत रहे।
केवल सावधानी रखनी है
मन का बल स्थिर रखना है
सारी दुनिया ने जल्दी ही
रोगमुक्त हो जाना है।

Comments

8 responses to “केवल सावधानी रखनी है”

  1. वाह वाह👌

  2. वाह बहुत खूब, अति सुंदर रचना है पाण्डेय जी।

  3. बेहतरीन रचना, उम्दा कविता

  4. बहुत सुंदर संदेश वाह

  5. Geeta kumari

    कोरोना की बीमारी के प्रति जागरूक करती हुई बहुत ही सुन्दर रचना ।इस बीमारी से कैसे निपटा जाए ,उन सब महत्वपूर्ण तथ्यों पर प्रकाश डालती हुई बेहतरीन प्रस्तुति ।

  6. Vasundra singh Avatar
    Vasundra singh

    जागरूकता की ओर सकारात्मक कदम है आपकी कविता, इस समय ऐसे ही काव्य की आवश्यकता है

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