कैसे रिश्ते?

कैसे रिश्ते और कहाँ के..
पल टूट ही जाते हैं..
अपना उल्लू ना सीधा हो तो
खुद ही रिश्तों से मुकर जाते हैं..

Comments

2 responses to “कैसे रिश्ते?”

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  2. मोहन सिंह मानुष Avatar

    आजकल रिश्ते बनते ही स्वार्थ से हैं

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