कोई हो जो बिन कहे हर भाव समझ ले,
कोई हो जो चेहरे की हर शिकन को पढ़ ले।
कोई हो जो मुस्कुराने का बहाना दे दे,
कोई हो जो बिन मांगे प्यार का खज़ाना..
दे दे॥
______✍गीता
कोई हो जो..
Comments
8 responses to “कोई हो जो..”
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बेहद खूबसूरत भाव दीदी मां 🙏🙏
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Thanks Amita ji
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आपकी गुरु मां स्वरुपा छवि के साथ आपकी प्यारी सी लेखनी को भी मेरा कोटिशः नमन एवं वन्दन दीदी मां* 🙏
बहुत ही सुन्दर सृजन-
Thanks Ekta sis
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बहुत खूब
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प्रोत्साहन हेतु आभार सतीश जी
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मैं हूँ ना
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Thanks Pragya
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